संघ – प्लेटीहेल्मिन्थिज

संघ – प्लेटीहेल्मिन्थिज (Phylum Platyhelminthes)

संघ – प्लेटीहेल्मिन्थिज के सामान्य लक्षण (Common Characteristic of Phylum Platyhelminthes)

Platyhelminthes शब्द ग्रीक भाषा के Platys – Flat (चपटे) Helmins – Worm (कृमि/कीड़े) इसलिए इनको इन्हे चपेटकृमि भी कहा जाता है।

 

ये बहुकोशिक (Multicelluar), द्विपाशर्व सममिति (Bilateral Symmetry), त्रिकोरिकी (Triploblastics), अगुहीय (Acoelomate) तथा अंग स्तर का शारीरिक संगठन (Organs level body organization) वाले जन्तु है।

ये प्रोटोस्टोमिया (Protostomia) होते है। यानि इनमें ब्लास्टोपोर से मुख का निर्माण होता है।

 

प्लेटीहेल्मिन्थिज मनुष्य व अन्य जंतुओं के आंत्र के परजीवी है। इनका शरीर क्यूटीकल (Cuticle) द्वारा ढका रहता है जो पाचन एंजाइमों से इनकी सुरक्षा करता है।

इनमें पाचन तंत्र (Digestive system) अपूर्ण (incomplete) होता है क्योंकि इनमें केवल मुख पाया जाता है लेकिन गुदा (Anus) नहीं।

 

इनमे परजीवी की कोशिका से चिपकने के लिए अंकुश तथा परजीवी की कोशिका से खाद्य पदार्थ चूसने के लिए चुषकांग पाये जाते है।

 

इनमें परिसंचरण (Circulatory) तथा श्वसन तंत्र अनुपस्थित होता है।

 

प्लेटीहेल्मिन्थिज (Platyhelminthes) में उत्सर्जन ज्वाला कोशिकाओं (Flame cells) द्वारा होता है।

 

ये जन्तु उभयलिंग (Hermaphrodite) होते है तथा आंतरिक निषेचन (internal fertilizatoin) होता है।

इनमें परिवर्धन अप्रत्यक्ष (indirect development) प्रकार का होता है इनमें कई लार्वा अवस्थाएं पाई जाती है। जैसे प्लैनेरिया।

प्लैनेरिया लार्वा में पुनरुदभवन की प्रचुर क्षमता होती है।

 

संघ – प्लेटीहेल्मिन्थिज का वर्गीकरण (Classifications of Phylum Platyhelminthes)

प्लेटीहेल्मिन्थिज (Platyhelminthes) संघ को चार वर्गों में बाँटा गया है-

  1. टर्बेलेरिया (Turbellaria)
  2. मोनोजीनिया (Monogenea)
  3. ट्रिमेटोडा (Trematoda)
  4. सेस्टोडा (Cestoda)

 

 

 

 

वर्ग टर्बेलरिया (Turbellaria)

ये मुक्त रहने वाले (Free living) अलवणीय जीव है। इनका शरीर पृष्ट तथा अधर में चपटा (dorsoventrally flattened) होता है। ये परजीवी होते है। अतः इनमें हुक और चुषकांग (Sucker) अनुपस्थित होते है। इनमें पाचन तंत्र उपस्थित होता है। लेकिन अपूर्ण होता है।

उदाहरण: प्लैनेरिया, नोटोप्लाना, ओप्टलाना, बिपालियम, डूगेसिया।

 

वर्ग मोनोजीनिया (Monogenea)

ये बाह्य-परजीवी (Exoparasite) होते है। इनमें हुक और चुषकांग (Sucker) उपस्थित होते है। इनमें पाचन तंत्र उपस्थित होता है।

उदाहरण – गायरोकोटाइल, गायरोडेक्टाइलस, एन्टोब्डेला

 

वर्ग ट्रिमेटोडा (Trematoda)

ये सामान्यतया परजीवी होते है। इनका शरीर पत्तियों की चपटा होता है। इनमें हुक और चुषकांग उपस्थित होते है। इनको फ्लुक कहते है। इनमें पाचन तंत्र Y आकार का होता है।

उदाहरण फेसिओला हेपेटिका (लिवरफ्लुक), शिस्टोसोमा, पोलीस्टोमा।

 

 

वर्ग सेस्टोडा (Cestoda)

ये सामान्यतया परजीवी होते है। इनका शरीर चपटा होता है। इनमें मूर्धा (Scolex) और चुषकांग अनुपस्थित होते है। इनमें पाचन तंत्र अनुपस्थित होता है।

उदाहरण: टिनिया सोलियम (टैपवर्म/फीताकृमि), , एकेन्थोबोथ्रियम, डायफायलोबोथ्रियम।


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