फेजथेरेपी (phage therapy) – इलाज का नया तरीका

आज हम जानते है  फेजथेरेपी (phage therapy) – इलाज का नया तरीका  के बारे में

फेजथेरेपी (phage therapy) जीवाणुओं के संक्रमित रोगों के इलाज का एक तरीका है जिसमें बैक्टीरिया से होने वाले रोग के इलाज के लिए एंटीबायोटिक दवा के स्थान पर जीवाणुभोजी (Bacteriophage) का उपयोग किया जाता है।

जीवाणुभोजी (Bacteriophage) एक प्रकार का वायरस हैं, जो जीवाणु कोशिकाओं पर आक्रमण करते हैं ,और जीवाणुओं की बैक्टीरियल चयापचय (Bacterial Metabolism) को बाधित करते हैं जिससे जीवाणु की मृत्यु हो जाती है।

फेजथेरेपी (phage therapy) रोगजनक (Pathogen) जीवाणु संक्रमण का इलाज करने के लिए जीवाणुभोजियो का चिकित्सीय उपयोग है।



फेजथेरेपी (phage therapy) किस तरह काम करती है –



यदि किसी रोगी के शरीर में जीवाणुभोजी (Bacteriophage) प्रवेश करवा दिया जाए, तो यह जीवाणुभोजी (Bacteriophage) उस रोगी के शरीर में उपस्थित जीवाणुओं को मार देगा। जिससे वह रोगी स्वस्थ हो जायेगा।

जीवाणुभोजी (Bacteriophage) केवल जीवाणु को संक्रमित कर सकता। जिससे उस रोगी के शरीर पर कोई साइड इफ़ेक्ट नहीं होगा।



जीवाणुभोजी (Bacteriophage) की बैक्टीरियल होस्ट विशिष्टता –



एंटीबायोटिक दवाओं की तुलना में जीवाणुभोजी (Bacteriophage) की जीवाणु विशिष्टता अधिक होती हैं। यानी एक एंटीबायोटिक दवा कई जीवाणु की वृद्धि को रोकती है।

लेकिन जीवाणुभोजी (Bacteriophage) जीवाणु की एक प्रजाति के लिए विशिष्ट हैं, और बहुत से जीवाणुभोजी (Bacteriophage) तो सिर्फ जीवाणु प्रजाति के किसी विशिष्ट प्रभेद को ही संक्रमित कर पाते हैं।

इसलिए जीवाणुभोजी (Bacteriophage) की यह सीमित मेजबान विशिष्टता फायदेमंद हो सकती है।

यहाँ मेजबान का अर्थ जीवाणु की वह कोशिका है, जिसे जीवाणु संक्रमित करता है।



साइड इफ़ेक्ट –



फेज थेरेपी शरीर के लिए सामान्यतः एंटीबायोटिक दवाओं की तुलना में अधिक फायदेमंद है। क्योंकि एंटीबायोटिक दवाए अक्सर सामान्य गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल प्रक्रिया को बाधित करती है, और जो परिणामस्वरूप Clostridium difficile जैसे जीवाणुओं द्वारा अवसरवादी द्वितीयक संक्रमण का कारण बनते है।

जीवाणु समय के साथ-साथ एंटीबायोटिक दवाओ के प्रति प्रतिरोधी हो जाते है। जिसके कारण एंटीबायोटिक दवाए जीवाणुओ को मारने में असफल हो जाती है यानी एंटीबायोटिक दवाए उस जीवाणु पर काम नहीं कर पाती है।



फेजथेरेपी (phage therapy)की कमी –



फेजथेरेपी (phage therapy) की सीमा यह की सीमित मेजबान विशिष्टता के कारण अलग-अलग रोगजनक के उपचार के लिए अलग-अलग प्रकार के जीवाणुभोजी (Bacteriophage) की आवश्यकता होती है।

अतः जीवाणुभोजी (Bacteriophage) के विशाल संग्रहण की आवश्यकता होती है, तथा किसी जीवाणु संक्रमण के उपचार के लिए कौन सा जीवाणुभोजी (Bacteriophage) आवश्यक होगा इसकी भी पहचान करनी पड़ती है

फेजथेरेपी (phage therapy) – इलाज का नया तरीका

अधिक जानकारी के लिए –

https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pmc/articles/PMC90351/


यदि आपको  फेजथेरेपी (phage therapy) – इलाज का नया तरीका   लेख पसंद आया हो और आप चाहते है की हम ऐसे ओर भी पोस्ट हिंदी में डाले तो आप इस पोस्ट को अपने facebook पर share करना ना भूले। आपका एक share हमारे लिए तथा अन्य Biology Lovers के लिए फायदेमंद हो सकता है।

Free Online Test – https://shikshasthali.com/wp_quiz

We will be happy to hear your thoughts

Leave a reply

Logo
Register New Account
Name (required)
Phone No. (required)

Please provide your no with country code.

Country Name (required)

Type your country name.

Reset Password
Compare items
  • Total (0)
Compare
0